सपना सदा पलता रहा
सपना सदा पलता रहा
मिश्र जी की इन गज़लों में भाषा और कथ्य दोनों में इतनी विविधता है जो कहीं देखने को नहीं मिलती |
| Author | रामदरश मिश्र |
| Year of Issue | 2014 |
| Publication Name | |
| Link | https://www.exoticindiaart.com/book/details/tu-hi-bata-e-zindagi-ghazal-baf232/ |