मूल्य और मूल्य-संक्रमण

रामदरश मिश्र की काव्य रचनाएँ

Author

डॉ विनीता राय

Year of Issue

1999

Publication Name

अनिल प्रकाशन

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मूल्य और मूल्य-संक्रमण

Description

"मूल्य मानव जीवन के साधन और साध्य दोनों हैं। जिसे लेकर हम जीते हैं अथवा जिसके लिए हम जीते हैं वे सब हमारे जीवन मूल्य हैं।"

 

इस अवधारणा से आरंभ प्रस्तुत कृति मूल्य और मूल्य संक्रमण सम्बन्धी गम्भीर अध्ययन और विश्लेषण प्रस्तुत करती हैं। मानव जीवन के परिवर्तन के साथ मूल्यों में भी परिवर्तनशीलता के आयाम अनिवार्य रूप से उभरते हैं और मूल्य-संक्रमण या मूल्यहीनता की विविधस्थितियाँ सामने आती हैं। 'बीसवीं शताब्दी के अन्त और इस इक्कीसवीं शताब्दी के आरम्भ में ये स्थितियाँ अत्यन्त तीव्र हो गयी हैं। विज्ञान प्रौद्योगिकी और तकनीकी विकास के साथ नयी-नयी सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक चुनौतियाँ सामने आने लगी हैं।

 

ऐसे संक्रमण काल में मूल्य और मूल्य संक्रमण के संदर्भ में डॉ० रामदरश मिश्र के उपन्यासों पर आधारित यह शोधग्रन्थ अत्यन्त ही सामयिक और उपादेय सिद्ध होगा। बुद्धिजीवी पाठक, समाजसेवी, राजनेता और शोध छात्र इस कृति से समान रूप से लाभान्वित हो सकते हैं।