मिश्र जी की कारुणिक कहानियों का यह संकलन उनके ह्रदय के उद्गार को इस प्रकार व्यक्त करता है जिसकी क�
मिश्र जी की कारुणिक कहानियों का यह संकलन उनके ह्रदय के उद्गार को इस प्रकार व्यक्त करता है जिसकी कोई तुलना ही संभव नहीं है | वे जितने अधिक जनवादी कवि हे उतने ही जनवादी कहानीकार भी हैं | इस बात को प्रमाणित करती है यह पुस्तक जिसमें सड़क जैसी दारुण कहानी है तो वहीं लाल हथेली जैसी एक अद्वितीय कहानी भी |