दिल्ली के द्वारका स्थित गुरू गोविंद सिंह यूनिवर्सिटी के सेमिनार हाॅल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रामदरश मिश्र न्यास द्वारा रामदरश मिश्र शताब्दी पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नेपाली एवं हिंदी भाषा के कवि एवं अनुवादक राजकुमार श्रेष्ठ को डा. रामदरश मिश्र शताब्दी सृजन सम्मान-2024 से नवाजा गया। यह पुरस्कार उन्हें शताब्दी साहित्यकार, कहानीकार, कवि 101 वर्षीय वयोवृद्ध डा. रामदरश मिश्र के खुद कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया। पुरस्कार में प्रतीक प्रतीक चिन्ह, अंगवस्त्र ,प्रशस्ति पत्र और 21000/- रूपये शामिल है। उन्हे यह पुरस्कार हिंदी में लिखे गए उनके कविता संग्रह "ऐसे भी देखिए" के लिए दिया गया।उल्लेखनीय है कि राजकुमार श्रेष्ठ युवा कवि,लेखक होने के साथ-साथ भारतीय भाषाओ के विकास और संवर्धन के लिए समर्पित संस्था "हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी" की पत्रिका हिन्दुस्तानी भाषा भारती के संयुक्त संपादक भी है। सम्मान समारोह में अकादमी के अध्यक्ष सुधाकर पाठक ,विजय शर्मा, विनोद पराशर,डाॅ.वनिता शर्मा सुषमा भंडारी, भी मौजूद थे। सबसे बडी बात है कि 101 वर्षीय वयोवृद्ध शताब्दी साहित्यकार, कहानीकार डाॅ.रामदरश मिश्र स्वंम समारोह में उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के विशिष्ट लोगो में कवि अशोक चक्रधर, ममता कालिया, सुरेश, वेदप्रकाश, ऋतुपरण, अमिताभ, कमल पाठक पत्रकार राजे लामा शामिल थे। न्यास की सचिव स्मिता मिश्र ने डाॅ.रामदरश मिश्र की अब तक की लंबी साहित्य यात्रा तथा न्यास की गतिविधियों की बावत जानकारी दी। साहित्यकार ओम निश्चल ने कार्यक्रम का संचालन किया।